हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास

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हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास
हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास
लेखक रवीन्द्र प्रभात
प्रकाशक हिन्दी साहित्य निकेतन, बिजनौर, उत्तर प्रदेश, भारत
प्रकाशन तिथि सितंबर 2011
ISBN 978-93-80916-14-9
देश भारत
पृष्ठ: 180 पृष्ठ (प्रथम संस्कारण)
भाषा हिन्दी
शैली (ब्लॉग इतिहास से संबन्धित महत्वपूर्ण लेखन)
विषय विगत एक दशक में हुयी हिन्दी ब्लॉग की गतिविधियों की जानकारी देती पुस्तक
विधा उपन्यास
प्रकार प्रिंट, (हार्डकवर)

हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास (अँग्रेजी: Hindi Blogging ka Itihas) पुस्तक हिन्दी ब्लागिंग के शैशव काल से लेकर वर्ष 2011 के आरम्भ तक का एक दस्तावेजी संकलन है ।

सारांश[सम्पादन]

आवश्यकता, उपयोगिता, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय दुनिया से सैकण्डों में अपनी बात के जरिए जुड़ने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुये आज ब्लॉगिंग जैसे द्रतगामी संचार माध्यम को पॉचवा स्तम्भ माना जाने लगा है। कोई इसे वैकल्पिक मीडिया तो कोई न्यू मीडिया की संज्ञा से नवाजने लगा है । हालांकि यह ब्लॉग आलोचना की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जिसमें हिन्दी ब्लॉगिंग के दस वर्षों के इतिहास को सहेजा गया हैं तथा कालक्रम को विशेषताओं के साथ उल्लिखित किया गया है। इस पुस्तक में ई-एजुकेशन, ई-पत्रकारिता, मल्टीमीडिया, इनस्क्रिप्ट आधारित मानक हिंदी टंकण, यूज़र जेनरेटेड कन्टेन्ट. शिक्षा-केंद्रित सोशल नेटवर्किंग, एजुकेशनल गेमिंग आदि की भी चर्चा हुई है। हिन्दी में ब्लॉग इतिहास लेखन से संबन्धित यह पहली पुस्तक है, जिसमें हिन्दी ब्लॉग लेखन में महिलाओं की स्थति की समीक्षा है तो हिन्दी भाषा और साहित्य में ब्लागिंग की स्थिति निर्धारण पर विचारोत्तेजक टीका भी। वर्षवार विस्तृत समीक्षा के अंतर्गत विभिन्न ब्लागों के विषय वस्तु और उनकी गुणवत्ता के आकलन को भी इस पुस्तक में सम्मिलित कियागया है।[१][२][३] [४] [५]

लेखक[सम्पादन]

इस पुस्तक के लेखक रवीन्द्र प्रभात हैं, जो एक कुशल रचनाकार के ही रूप में नहीं जाने जाते हैं, बल्कि उन्हों ने ब्लॉ्गिंग के क्षेत्र में कुछ विशिष्ट कार्य भी किये हैं। वर्ष 2007 में उन्होंने ब्लॉुगिंग में एक नया प्रयोग प्रारम्भा किया और ‘ब्लॉशग विश्लेयषण’ के द्वारा ब्लॉकग जगत में बिखरे अनमोल मोतियों से पाठकों को परिचित करने का बीड़ा उठाया। 2007 में पद्यात्मलक रूप में प्रारम्भत हुई यह कड़ी 2008 में गद्यात्मक हो चली और 11 खण्डों के रूप में सामने आई। वर्ष 2009 में उन्होंयने इस विश्लेीषण को और ज्यादा व्यापक रूप प्रदान किया और विभिन्नर प्रकार के वर्गीकरणों के द्वारा 25 खण्डों में एक वर्ष के दौरान लिखे जाने वाले प्रमुख ब्ला गों का लेखा-जोखा प्रस्तुेत किया। इसी प्रकार वर्ष 2010 में भी यह अनुष्ठालन उन्होंयने पूरी निष्ठाो के साथ सम्पन्न‍ किया और 21 कडियों में ब्लॉग जगत की वार्षिक रिपोर्ट को प्रस्तुोत करके एक तरह से ब्लॉग इतिहास लेखन का सूत्रपात किया। यह पुस्तक इन्हीं विश्लेषणों पर आधारित है । [६][७][८][९][१०]

इसे भी देखें[सम्पादन]

सन्दर्भ[सम्पादन]

  1. हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास, लेखक-रवीन्द्र प्रभात, प्रकाशक -हिन्दी साहित्य निकेतन, बिजनौर, भारत, वर्ष- 2011, पृष्ठ: 180, ISBN 978-93-80916-14-9
  2. हिन्दी ब्लॉगिंग का इतिहास (गूगल बूक)
  3. Review in Hindi: ब्लागिंग पर रवीन्द्र प्रभात की अनुपम पहल
  4. रवीन्द्र प्रभात का आलेख : ब्लॉगिंग यानी आम आदमी की बुलंद अभिव्यक्ति
  5. Library of Congress Catalog Record
  6. A conversation with Ravindra Prabhat
  7. An experimental classification web service of Hindi Blogging ka itihas
  8. इस पुस्तक के बारे में : ब्लॉगरों का अभिवादन
  9. साहित्य शिल्पी में पुस्तक के लोकार्पण से संबन्धित समाचार
  10. अभिव्यक्ति में पुस्तक के लोकार्पण से संबन्धित समाचार

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादन]