परिकल्पना (संस्था)

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परिकल्पना (संस्था)
परिकल्पना(संस्था)
उद्देश्य एक सुंदर और खुशहाल सह-अस्तित्व का निर्माण[१]
स्थापना २००७
संस्थापक रवीन्द्र प्रभात
मुख्यालय लखनऊ
प्रसिद्धि अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन
परिकल्पना सम्मान
अन्य जानकारी उत्तर प्रदेश के सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 के अधीन सम्यक रूप से पंजीकृत
अद्यतन‎ ०६.०१.२०१५

परिकल्पना एक भारतीय गैर लाभ धर्मार्थ संगठन है जिसका मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में है। यह संस्था उत्तर प्रदेश के सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 के अधीन सम्यक रूप से पंजीकृत है। इसका पंचलाईन है "एक सुंदर और खुशहाल सह अस्तित्व"।

संस्था का उद्देश्य[सम्पादन]

परिकल्पना के संस्थापक रवीन्द्र प्रभात

संस्था का उद्देश्य मुफ्त लाइसेंस या सार्वजनिक कार्यक्रम (public domain) के अन्तर्गत, शैक्षणिक सामग्री एकत्रित करके विश्व के लोगों को सशक्त एवं व्यस्त बनाना, एवं इसे भूमण्डल में प्रभाविकता से प्रसारित करना है, साथ ही बैठकों, सेमिनारों, कार्यशालाओं तथा सम्मेलनों के माध्यम से विश्व में ब्लॉग के विकास हेतु पृष्ठभूमि तैयार करना, हिंदी-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना, भाषायी सौहार्द्रता एवं सांस्कृतिक अध्ययन-पर्यटन का अवसर उपलब्ध कराना आदि है।

संस्था की गतिविधियां[सम्पादन]

  • बच्चे प्रत्येक राष्ट्र की बुनियाद होते हैं। मानव जाति की इस प्रारंभिक अवस्था में यदि उपयुक्त शिक्षा-दीक्षा संपर्क-ज्ञान, आत्मविश्वास, कार्यकुशलता और नई-नई जानकारियाँ पाने की उत्सुकता प्रदान की जाये, तो वे ही राष्ट्र की उन्नति और शक्ति के बेहतर स्त्रोत होते हैं। इसी प्रयोजन से आर्थिक रूप से अति निर्धन बच्चों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए यह संस्था उत्साहपूर्वक संलग्न हैं। निर्धन बाल- सदस्यों के पठन-पठन के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के नवीन-ज्ञान विज्ञान से उन्हें अवगत कराते हुये यह उनके लिए प्रति वर्ष विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं और उनके बेहतर भविष्य की कामना करती हैं।
  • भारत की राजभाषा हिन्दी के उन्नयन हेतु यह संस्था अपने साथ विश्व के कई भाषाओं के ब्लॉगर और विद्वानों की एक सशक्त टीम बनाकर मुफ्त लाइसेंस या सार्वजनिक कार्यक्रम के अन्तर्गत, हिन्दी के अच्छे ब्लॉग पोस्ट तथा साहित्यिक सामग्रियों को अन्य भारतीय तथा वैश्विक भाषाओं में अनुवादित करके विश्व के अन्य भाषाओं के ब्लॉगर और साहित्यकार के समक्ष रखती है, साथ ही इसे भूमण्डल में प्रभाविकता से प्रसारित भी करती है। अंतर्जालीय गतिविधियों तथा तकनीकी जानकारियों को उपलब्ध कराती है तथा देश-विदेश में कार्यशाला और सेमिनार आयोजित कर एक सुंदर और खुशहाल सह अस्तित्व की परिकल्पना को मूर्तरूप देती है।
  • साथ हीं- बसुधेव कुटुंबकम की अवधारणा से ओतप्रोत, यह संस्था अध्यायों के अन्तरजाल की सहायता से एक से अधिक भाषा के लिये प्रोजेक्ट एवं अन्य प्रयत्न की सहायता एवं विकास के लिये मूलभूत और संगठित ढांचा प्रदान करती है।
  • दक्षिण एशिया की भाषाओं को वैश्विक केंद्र में लाने हेतु संस्था प्रतिवर्ष 51 दक्षिण एशियाई ब्लॉगरों को "परिकल्पना सम्मान" प्रदान करती है। इसमें देश-विदेश से पधारे हुए छात्र, ब्लॉगर्स, साहित्यकार, विद्वान एवं गणमान्य नागरिक सम्मिलित होते हैं। सम्मेलन का उद्देश्य होता है हिन्दी भाषा तथा हिन्दी संस्कृति का दक्षिण एशियाई भाषा और संस्कृति से मिलन कराना।

साहित्यिक गतिविधियां[सम्पादन]

Parikalpna Means-

P - Provide
A- authentic
R- reliable
I- initial
K - knowledge
A-and assign
L - literary
P - program
N - network
A - and analysis

Provide authentic, reliable, initial knowledge and assign literary program, network and analysis.


अर्थात- प्रामाणिक, विश्वसनीय, प्रारंभिक ज्ञान प्रदान करते हुये शैक्षिक कार्यक्रम, नेटवर्क और विश्लेषण प्रस्तुत करना परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य है।

यह संस्था सामाजिक-साहित्यिक गतिविधियों के हित में ‘‘परिकल्पना समय‘‘ के नाम से एक पत्रिका प्रकाशित करती है, जो हिन्दी की एक पंजीकृत मासिक पत्रिका है और इसका प्रकाशन कार्यालय लखनऊ है। इसके प्रधान संपादक रवीन्द्र प्रभात हैं। इस पत्रिका का पहला अंक जून 2013 में प्रकाशित हुआ और तब से लगातार यह पत्रिका सामाजिक-सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है।

शैक्षिक गतिविधियां[सम्पादन]

सरकार शिक्षा मुहैया कराने की गारंटी भले ही देती है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं कि ऐसा सरकारी स्कूल के जरिये ही हो। कई लोग सोचते हैं कि स्कूल का निर्माण, नियंत्रण और संचालन सरकार करे, लेकिन ऐसा सोचना दुखद है। एनुअल स्टेटस ऑफ स्कूल रिपोर्ट 2009 के उनसार सरकारी स्कूलों में कक्षा 5 तक के करीब 52 फीसदी बच्चे तो कक्षा दो के पाठयक्रम को ठीक से समझ नहीं पाते हैं। इसलिए यह संस्था उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार के विभिन्न गावों में अनुभवी टीम के माध्यम से ई- लर्निंग बाल-जागरुकता अभियान चलाती है, जिसमें बच्चों को कंप्यूटर से संबंधित बेसिक जानकारी दी जाती है और ई- लर्निंग क्या है तथा इससे क्या लाभ होते हैं आदि विषयों पर जानकारी उपलब्ध कराई जाती है । ई-लर्निंग का सबसे बड़ा लाभ समाज को यह हो रहा है कि कम खर्च में प्रभावशाली और आकर्षक शिक्षा दी जा रही है, जिसे छात्र बिना किसी दबाव के स्वम् के द्वारा भी आसानी से समझ सकता है। यह संस्था ई- लर्निंग के माध्यम से शिक्षा को रोचक और आकर्षित बनाने का प्रयास कर रही है। उल्लेखनीय है कि ई- लर्निंग के आने से पहले छात्रो को इंग्लिश और मैथ इन दोनों विषयो में बहुत मुश्किलें सामने आती थी, परन्तु अब इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट्स उपलब्ध है जो इन विषयो को रूचिकर बनाने में सफल हुई है। यह संस्था इस अभियान के माध्यम से बच्चों को इन वेबसाइटों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं।

सामुदायिक गतिविधियां[सम्पादन]

सामाजिक मीडिया पारस्परिक संबंध के लिए अंतर्जाल या अन्य माध्यमों द्वारा निर्मित आभासी समूहों को संदर्भित करता है। यह व्यक्तियों और समुदायों के साझा, सहभागी बनाने का माध्यम है। इसका उपयोग सामाजिक संबंध के अलावा उपयोगकर्ता सामग्री के संशोधन के लिए उच्च इंटरैक्टिव प्लेटफार्म बनाने के लिए मोबाइल और वेब आधारित प्रौद्योगिकियों के प्रयोग के रूप में भी देखा जा सकता है। इसी के दृष्टिगत यह संस्था समय-समय पर सामुदायिक गतिविधियों को प्राणवायु देने के उद्देश्य से केवल कार्यक्रम ही संचालित नही करती, अपितु नागरिकों और बुद्धिजीवियों को सामाजिक मीडिया के उपयोग हेतु प्रोत्साहित भी करती हैं। यह समाज के ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर चर्चा करती हैं और उसके समाधान की दिशा में सहायक की भूमिका निभाती हैं।

महत्वपूर्ण कार्यक्रम[सम्पादन]

हिन्दी साहित्य और ब्लॉगिंग के बीच सेतु निर्माण एवं उत्थान में अविस्मरणीय योगदान देने वाले हिन्दी चिट्ठाकारों को सम्मानित करने के उद्देश्य से इस संस्था के द्वारा वर्ष-2010 में अंतर्जाल पर उत्सव की परिकल्पना की गयी। नाम दिया गया परिकल्पना ब्लॉगोत्सव। इसमें शामिल प्रतिभाशाली प्रत्येक वर्ष 51 सृजनधर्मियों का चुनाव करते हुये उन्हें परिकल्पना सम्मान दिये जाने की घोषणा की गयी। इसके अंतर्गत सम्मान धारकों को मोमेंटो, सम्मान पत्र, पुस्तकें, शॉल और एक निश्चित धनराशि के साथ सम्मानित करने की उद्घोषणा हुयी।[२][३][४]

  • चतुर्थ परिकल्पना सम्मान समारोह 15 जनवरी से 18 जनवरी 2015 तक वांगचुंग रिसोर्ट आडोटोरियम थिंपु, भूटान में आयोजित हुआ, जिसमें भूटान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव श्री फूंग शृंग द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर भूटान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उप महासचिव श्री चन्द्र क्षेत्री, सार्क समिति के महिला विंग तथा इन्टरनेशनल स्कूल ऑफ भूटान की अध्यक्ष श्रीमती थिनले ल्हाम, असम विश्वविद्यालय सिल्चर के भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर नित्यानन्द पाण्डेय, इलाबाद परिक्षेत्र के डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव और हिन्दी के वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री गिरीश पंकज विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

संदर्भ[सम्पादन]

  1. परिकल्पना का जालपॄष्ठ
  2. The World's Versatile Blogger Awards
  3. हिन्दी ब्लोगिंग का ऑस्कर
  4. 'रवि रतलामी का साक्षात्कार

बाह्य स्त्रोत[सम्पादन]