परिकल्पना

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परिभाषाएँ

  • परिकल्पना किसी समस्या का प्रस्तावित उत्तर या समाधान है: टाउनसेंड (1953)


  • परिकल्पना दो या दो से अधिक परिवर्त्यों का अनुमानित कथन है: केर्लिंजर (1968)


  • परिकल्पना एक निपुण अनुमान के रूप में निर्मित होती है: गुड एंड स्केट्स (1954)


  • परिकल्पना एक अनुमान है जो बिना पर्याप्त प्रमाणों के इसलिए मान लिया जाता है, जिसके आधार पर हम वास्तविक तथ्यों से मेल खाते हुये निष्कर्ष निकाल लेते हैं: फ़ौलर(1969)

 

  • परिकल्पना एक अभिग्रह है जो अनुमानिक व्याख्या का कार्य करती है: चैपलिन(1975)

परिकल्पना किसी घटना की व्याख्या करने वाला सुझाव या अलग-अलग प्रतीत होने वाली बहुत सी घटनाओं के आपसी सम्बन्ध की व्याख्या करने वाला तर्कपूर्ण विचार है। अर्थात एक ऐसा विचार या सिद्धांत जिसे शोधकर्ता अध्ययन के लक्ष्य के रूप में रखता है, उसकी जांच करता है और प्रमाणित करता है।

शब्दार्थ[सम्पादन]

परिकल्पना अंग्रेजी के शब्द ‘हाइपोथिसिस’ (Hypothesis) का हिंदी अनुवाद है। यह शब्द ग्रीक भाषा के शब्दों से बना है, जिसका अर्थ होता है विचार या सिद्धांत का पूर्व कथन। अर्थात जिस बात की बहुत कुछ संभावना हो उसे पहले ही मान लेना या उसके नाम, रूप आदि की कल्पना कर लेना। इसप्रकार परिकल्पना शब्द का शाब्दिक अर्थ है पूर्ण चिंतन।

परिकल्पना के संदर्भ में विद्वानों की राय[सम्पादन]

  • बोगार्डस के अनुसार परिकल्पना परीक्षण के लिए प्रस्तुत की गयी प्रस्तावना है, जिसका निर्माण शोध या अनुसन्धान का आधार होता है। परिकल्पना को सामान्यतः सिद्धांत का लोक सामान्यीकरण माना जाता है, जिसकी परीक्षा शोध के दौरान की जाती है। आरंभिक स्तर पर परिकल्पना कोई भी अनुमान, कल्पनात्मक विचार, सहज ज्ञान या और कुछ हो सकता है, जो कि अध्ययन क्रिया, अनुसन्धान या शोध का आधार बन जाए।
  • बैली के अनुसार प्राक्-कल्पना एक ऐसी प्रस्तावना है जिसे परीक्षण के लिए रखा जाता है।

परिकल्पना की विशेषताएं[सम्पादन]

  • किसी विषय के संबंध में अस्थायी हल देने वाला साधन।
  • उपलब्ध पद्धतियों और साधनों से पारस्परिक संबंध।

...अनुसंधान प्रक्रम में समस्या के कथन के बाद परिकल्पना की रचना आवश्यक होती है। इस कारण अनुसंधान में परिकल्पना की रचना अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

एस॰ पी॰ सुखिया
पुस्तक: 'शैक्षिक अनुसंधान के मूल तथ्य, पृष्ठ: 180 में'
  • अतिशोयक्तिपूर्ण भाषा का उपयोग नहीं।
  • प्रयोगसिद्धता के गुण समाहित।
  • व्यावहारिक और यर्थाथ पर आधारित व्याख्याएँ।
  • पूर्व में निर्मित सिद्धातों पर खरा उतारने वाली तर्कपूर्ण युक्ति।
  • समस्या से सीधे संबंधित।
  • शोध, अनुसन्धान या अध्ययन के मार्गदर्शन में उपयोगी।

संदर्भ स्त्रोत[सम्पादन]